यहां बचपना रहता है मेरा,
इन गलियों में।
आजकल बूढ़ा कर,
retirement बिता रहा है।
कम्बखत नींद गुम है।
छुपी होगी शायद
इसी इलाके में,
इसी बहाने आते रहता हूँ।
वक़्त के चलते कमज़ोर हो गया है,
मेरा बचपना बूढ़ा कर retire हो गया है।
चलता फिरता नहीं, हाँ पुकारता है कई दफे।
बूढ़े बाप की तरह मगर मैं टालते रहता हूँ।